Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
Garbh Sanskar: पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• गरà¥à¤ संसà¥à¤•ार का महतà¥à¤µ, पà¥à¥‡à¤‚ इसे करने की विधि
Ayurvedic garbh sanskar: पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ काल से à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संसà¥à¤•ृति में 16 संसà¥à¤•ारों का वरà¥à¤£à¤¨ किया गया है। इनमें से à¤à¤• गरà¥à¤ संसà¥à¤•ार है। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संसà¥à¤•ृति के इस गरà¥à¤ संसà¥à¤•ार में यह माना गया है की गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠको संसà¥à¤•ारित किया जा सकता है। इससे दिवà¥à¤¯ संतान की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ की जा सकती है।
Garbh Sanskar: पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• गरà¥à¤ संसà¥à¤•ार का महतà¥à¤µ, पà¥à¥‡à¤‚ इसे करने की विधि
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾, पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान और जब तक आपका बचà¥à¤šà¤¾ दो वरà¥à¤· का नहीं हो जाता है, तब तक आपको अपने बचà¥à¤šà¥‡ के बारे में सबकà¥à¤› जानने की जरूरत है। पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ शासà¥à¤¤à¥à¤° और आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के आहार, योग और नियमित शरीर की देखà¤à¤¾à¤² के नà¥à¤¸à¥à¤–े के साथ-साथ पठन सामगà¥à¤°à¥€ और संगीत को सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ के लिठà¤à¥€ निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ दिठगठहैं और इसे गरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•ार कहा गया है। तो चलिठआज हम आपको गरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•ार और उसके लाà¤à¥‹à¤‚ के बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बताते हैं।
गरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•ार कà¥à¤¯à¤¾ है?
हर माता-पिता अपने बचà¥à¤šà¥‡ के लिठसबसे अचà¥à¤›à¤¾ चाहते हैं। बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के बाद à¤à¥€ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहने के लिठसà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ आवशà¥à¤¯à¤• है। गरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•ार ने शिशॠके मानसिक और शारीरिक विकास में योगदान के रूप में लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ की है। गरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•ार के बारे में पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ के लिखा गया है और इसे आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में à¤à¥€ शामिल किया गया है। संसà¥à¤•ृत में गरà¥à¤ शबà¥à¤¦ गरà¥à¤ में à¤à¥à¤°à¥‚ण को संदरà¥à¤à¤¿à¤¤ करता है, और संसà¥à¤•ार का अरà¥à¤¥ है मन की शिकà¥à¤·à¤¾à¥¤ तो, गरà¥à¤ संसà¥à¤•ार का अरà¥à¤¥ हà¥à¤† अजनà¥à¤®à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ के दिमाग को शिकà¥à¤·à¤¿à¤¤ करने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¥¤
पारंपरिक रूप से यह माना जाता है कि गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ का मानसिक और वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• विकास शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह मां की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है। आदिकाल से ही यह पà¥à¤°à¤¥à¤¾ हिनà¥à¤¦à¥‚ परंपरा का हिसà¥à¤¸à¤¾ रही है और उदाहरण के तौर पर देखे तो गरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•ार का असर अà¤à¤¿à¤®à¤¨à¥à¤¯à¥, अषà¥à¤Ÿà¤•à¥à¤°à¤¾ और पà¥à¤°à¤¹à¥à¤²à¤¾à¤¦ जैसे पौराणिक चरितà¥à¤°à¥‹à¤‚ पर बहà¥à¤¤ सकारातà¥à¤®à¤• रूप में पड़ा था, जैसा की कहानियों में सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ किया गया है की ये अपनी माता के गरà¥à¤ से ही जà¥à¤žà¤¾à¤¨ अरà¥à¤œà¤¿à¤¤ कर के आये थे।
1
गरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•ार को बचà¥à¤šà¥‡ को लाठपहà¥à¤‚चाने के लिठमाना जाता है, बलà¥à¤•ि यह केवल बचà¥à¤šà¥‡ पर केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ नहीं है। ये अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करते हैं कि मां सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहे और मन की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ सकारातà¥à¤®à¤• हो। गरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•ार के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ के जरिठगरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के आहार और जीवन शैली में परिवरà¥à¤¤à¤¨ करने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ किया जाता है।
यह à¤à¥€ पढ़ें :कà¥à¤¯à¤¾ घी-मकà¥à¤–न खाने से आसानी से होती है डिलीवरी, पà¥à¥‡à¤‚ इसमें कितनी सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने पर गरà¥à¤ संसà¥à¤•ार कब शà¥à¤°à¥‚ करें
गरà¥à¤ संसà¥à¤•ार केवल गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान की जाने वाली देखà¤à¤¾à¤² के बारे में नहीं है, बलà¥à¤•ि गरà¥à¤-धारण से कम से कम à¤à¤• वरà¥à¤· पहले तैयारी शà¥à¤°à¥‚ करने के विषय में है। | गरà¥à¤ संसà¥à¤•ार | सिरà¥à¤« गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से संबंधित नहीं है बलà¥à¤•ि इसमें सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ का चरण à¤à¥€ शामिल है, माता-पिता को इसका पालन तब तक करना होता है जब तक बचà¥à¤šà¤¾ लगà¤à¤— 2 वरà¥à¤· का नहीं हो जाता।
2
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठगरà¥à¤ संसà¥à¤•ार गतिविधियों की सूची
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, गरà¥à¤ संसà¥à¤•ार à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देने के सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® तरीकों में से à¤à¤• है। यह मानसिक ही नहीं, बलà¥à¤•ि शारीरिक, à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• और आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• रूप से à¤à¥€ मां की मन:सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को बनाठरखने में मदद करता है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• गरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•ार गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ मां के लिठधà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखने के लिठकà¥à¤› दिशा-निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ का सà¥à¤à¤¾à¤µ देते हैं।
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार की आदतें
आहार वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का à¤à¤• अनिवारà¥à¤¯ पहलू है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¥à¤°à¥‚ण की वृदà¥à¤§à¤¿ मां के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और पोषण पर निरà¥à¤à¤° करती है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आहार-रस, जो मां के आहार से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पोषण या ऊरà¥à¤œà¤¾ है, सà¥à¤µà¤¯à¤‚ मां के पोषण, बचà¥à¤šà¥‡ की वृदà¥à¤§à¤¿ और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की तैयारी में मदद करता है। विटामिन और खनिजों से à¤à¤°à¥‡ à¤à¤• संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार की सलाह दी जाती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में गरà¥à¤ संसà¥à¤•ार खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ और आयरन की संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ होनी चाहिà¤à¥¤
4
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में गरà¥à¤ संसà¥à¤•ार à¤à¥‹à¤œà¤¨ में सातà¥à¤µà¤¿à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ शामिल होता है, जो ताजे तैयार पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है, जिसमें मीठे, नमकीन, तीखे, कड़वे और खटà¥à¤Ÿà¥‡ जैसे पांच सà¥à¤µà¤¾à¤¦ शामिल होते हैं। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में पंचामृत के सेवन की सलाह दी जाती है, जो शकà¥à¤¤à¤¿ और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बढ़ाने के लिठफायदेमंद है। यह à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š दही, शहद, चीनी और दो चमà¥à¤®à¤š घी या शà¥à¤¦à¥à¤§ मकà¥à¤–न के साथ आठचमà¥à¤®à¤š दूध के साथ बनाया जाता है। नशीले पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से परहेज की सलाह दी जाती है।
यह à¤à¥€ पढ़ें : बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के सिर में जà¥à¤“ं से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के घरेलू उपाय
सकारातà¥à¤®à¤• सोच
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ आपको मूडी और चिड़चिड़ा बना सकती है। गरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•ार आपको अपनी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को पà¥à¤°à¤¬à¤‚धित करने में मदद करता है जो कि मां और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों के लिठअचà¥à¤›à¤¾ है। आप किसी शौक को पाल सकते हैं या केवल उन चीजों को कर सकते हैं जो आपको खà¥à¤¶ करती हैं।
पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤® फà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के लिठकरें ये योगासन
योग या किसी हलà¥à¤•े वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करना
गरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•ार की सलाह है कि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को मानसिक या शारीरिक रूप से कà¥à¤› हलà¥à¤•ा वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करना चाहिà¤, जिसमें मां और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहें। पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® आपके शरीर को शांत करने और सांसों पर नियंतà¥à¤°à¤£ बनाठरखने में मदद करते हैं जबकि आप बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के दौरान सांस को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ ही करती हैं।हलà¥à¤•ा वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® लचीलापन बढ़ाता है, रकà¥à¤¤ परिसंचरण में सà¥à¤§à¤¾à¤° करता है और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पीठदरà¥à¤¦ को कम करता है। विशिषà¥à¤Ÿ गरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•ार योगासन बहà¥à¤¤ कम लेबर पेन के साथ नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को बढ़ाते हैं।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ गरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•ार का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पहलू है और शरीर के लिठफायदेमंद है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह आपको तनाव और अवसाद से दूर रखता है। इसमें 'मन का शूनà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿' में शामिल होना है, जो शांति और धीरज लाने और à¤à¤•ागà¥à¤°à¤¤à¤¾ को बढ़ाने में मदद कर सकता है। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ करते समय शिशॠके बारे में अचà¥à¤›à¥€ बातों की कलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ करना à¤à¥€ à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ तरीका है जिससे आप बंध सकते हैं और सकारातà¥à¤®à¤• सोच सकते हैं, जिससे आपको और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों को मदद मिल सकती है।
4
पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾
पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾ गरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•ार का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हिसà¥à¤¸à¤¾ है, और माना जाता है कि यह शिशॠके आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• विकास के लिठअचà¥à¤›à¤¾ है। पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में मंतà¥à¤° और शà¥à¤²à¥‹à¤• हैं जो अजनà¥à¤®à¥‡ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठफायदेमंद हैं।
संगीत सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ जो मन को शांति देता है
गरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•ार कहते हैं कि à¤à¤• बचà¥à¤šà¤¾ मां के गरà¥à¤ में रहते हà¥à¤ मà¥à¤¯à¥‚जिक सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ पर हरकत करता है। वासà¥à¤¤à¤µ में, पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ साहितà¥à¤¯ कहता है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के चौथे महीने से à¤à¤• बचà¥à¤šà¤¾ अपने आस-पास के वातावरण को सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है। यही कारण है कि मां को मधà¥à¤° संगीत सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ चाहिà¤à¥¤ सरल और आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• गीत या मंतà¥à¤° और शà¥à¤²à¥‹à¤• मां और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों के लिठलाà¤à¤•ारी कहे जाते हैं। गरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•ार का मानना है कि वीणा की धà¥à¤µà¤¨à¤¿, à¤à¤• तार वादà¥à¤¯, और बांसà¥à¤°à¥€ जैसे वादà¥à¤¯à¤¯à¤‚तà¥à¤°à¥‹à¤‚ की आवाज़ें आपके मन और आतà¥à¤®à¤¾ को शांत कर सकती हैं।
यह à¤à¥€ पढ़ें : बेटी की इमà¥â€à¤¯à¥‚निटी बढ़ाने के लिठइस चीज पर à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ करती हैं सोहा अली खान
शांत या आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• किताबें पढ़ना
गरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•ार आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ों को पढ़ने की सलाह देते हैं, जिससे संतोष और संतà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ आती है। वासà¥à¤¤à¤µ में, गरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•ार इस तथà¥à¤¯ पर à¤à¥€ जोर देते हैं कि शैकà¥à¤·à¤¿à¤• पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ें पढ़ना गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ को आकार देता है। यह माना जाता है कि जब आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होती हैं, तो पढ़ने से अजनà¥à¤®à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ को जà¥à¤žà¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने में मदद मिल सकती है। नैतिक मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ या पौराणिक कहानियों वाली पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ों की सिफारिश की जाती है, लेकिन आप हमेशा à¤à¤• और पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• चà¥à¤¨ सकते हैं जिसे आप पढ़ने में आनंद लेते हैं।
6
मन को तनावमà¥à¤•à¥à¤¤ और खà¥à¤¶ रखना
गरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•ार के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, मां को उन गतिविधियों में शामिल नहीं होना चाहिठजो उसे तनाव देती हैं। अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ तनाव लेना या उन चीजों को देखना या पढ़ना जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आपको डराने या चिंता करने पर मजबूर कर देते हैं उनसे आपको दूर रहने की सलाह दी जाती है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह à¤à¥à¤°à¥‚ण पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डाल सकते हैं। कोशिश करें और अपने बचà¥à¤šà¥‡ की खातिर नौ महीनों के दौरान शारीरिक, मानसिक, à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• और आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• रूप से संतà¥à¤·à¥à¤Ÿ रहें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान हरà¥à¤¬à¤² घी का सेवन करना
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ गाय के दूध के घी से बने औषधीय घी की सिफारिश गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 4 वें, 5 वें, 7 वें, 8 वें और 9 वें महीने के दौरान की जाती है। यह बचà¥à¤šà¥‡ के मानसिक और शारीरिक विकास के लिठफायदेमंद माना जाता है और à¤à¥à¤°à¥‚ण में जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं को रोकने में मदद कर सकता है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, औषधीय घी से à¤à¥€ मां को पूरà¥à¤£ रूप से सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ में मदद मिल सकती है। हालांकि, अपने चिकितà¥à¤¸à¤• से परामरà¥à¤¶ करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ समान नहीं है।
यह à¤à¥€ पढ़ें : पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ सताता है पसली का दरà¥à¤¦, जानें कारण और इलाज
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान गरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•र के लाà¤
यह बचà¥à¤šà¥‡ के पहले विचार को आकार देने के लिठमां पर निरà¥à¤à¤° है। सकारातà¥à¤®à¤• सोच और सकारातà¥à¤®à¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण मां के मानसिक और शारीरिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने में à¤à¤• लंबा रासà¥à¤¤à¤¾ तय कर सकता है, जो कि अचà¥à¤›à¥€ तरह से उसके गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ के होने से à¤à¥€ जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† है। गरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•ार मां और उसके अजनà¥à¤®à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ के बीच उस शाशà¥à¤µà¤¤ बंधन को विकसित करने में मदद करता है। जबकि विशेषजà¥à¤ž मां की à¤à¤²à¤¾à¤ˆ के लिठगरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•ार का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करते हैं, शिशॠके लिठदीरà¥à¤˜à¤•ालिक लाठà¤à¥€ हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तà¥à¤°à¤‚त पहचाना नहीं जा सकता है। बचà¥à¤šà¥‡ के साथ संचार गरà¥à¤à¤¸à¤‚वाद है जो बचà¥à¤šà¥‡ के मानसिक विकास में योगदान देता है और मां के साथ à¤à¤• मजबूत बंधन बनाने में मदद करता है।
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ फà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के लिठकरें ये योगासन
संगीत सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ और अजनà¥à¤®à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ को पढ़ना बाद में आपके बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤• साउंड सà¥à¤²à¥€à¤ªà¤° बनाने या बेहतर नींद की आदतों को पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद कर सकता है। आपका शिशॠअधिक सतरà¥à¤•, जागरूक और आशà¥à¤µà¤¸à¥à¤¤ हो सकता है। शिशॠबेहतर तरीके से उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ का जवाब दे सकता है और अधिक सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ और संतà¥à¤·à¥à¤Ÿ हो सकता है। इसके जरिठआपका बचà¥à¤šà¤¾ बेहतर तरीके से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कर सकता है।
गरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•ार पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ पà¥à¤°à¤¥à¤¾à¤“ं से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† है। यह मां के कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ और बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ विकास पर केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ है। लेकिन इससे à¤à¥€ अधिक, गरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•ार माता और बचà¥à¤šà¥‡ के बीच à¤à¤• चिरसà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ बंधन को बढ़ावा देने पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करते हैं। à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार, सकारातà¥à¤®à¤• विचार, नियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® और à¤à¤• पà¥à¤¯à¤¾à¤° à¤à¤°à¤¾ बंधन, गरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•ार के घटक हैं। गरà¥à¤à¤¸à¤‚सà¥à¤•ार के सरल सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚तों का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करें और उनके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ शांति का अनà¥à¤à¤µ करें।
| --------------------------- | --------------------------- |